पटना (बिहार):- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक कार्यक्रम के दौरान महिला डॉक्टर का हिजाब खींचे जाने से शुरू हुआ विवाद लगातार गहराता जा रहा है। यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्तिगत घटना तक सीमित नहीं रहा बल्कि राज्य की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। जहां एक ओर कुछ लोग मुख्यमंत्री के पक्ष में उतरकर इसे अनजाने में हुई घटना बता रहे हैं वहीं दूसरी ओर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर बिहार सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला कर रहा है।
घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने इसे महिला सम्मान और व्यक्तिगत आस्था से जोड़कर देखा है। उनका कहना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह का व्यवहार किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। वहीं मुख्यमंत्री के समर्थकों का तर्क है कि नीतीश कुमार का इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था और यह पूरा मामला अनावश्यक रूप से तूल पकड़ गया है।
विपक्षी दलों ने इस प्रकरण को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री से माफी की मांग की है। उनका आरोप है कि यह घटना महिलाओं की गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता दोनों पर सवाल खड़े करती है। कुछ नेताओं ने इसे सत्ता के अहंकार का उदाहरण बताया और कहा कि सरकार को संवेदनशीलता के साथ जवाब देना चाहिए।
इस विवाद ने प्रशासनिक हलकों में भी बेचैनी बढ़ा दी है। महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऐसी घटनाओं पर चुप्पी साध ली गई तो इससे गलत संदेश जाएगा।
फिलहाल यह विवाद थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। राजनीतिक बयानबाजी तेज हो चुकी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है। यह मामला न सिर्फ मुख्यमंत्री की छवि बल्कि बिहार की राजनीति की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है।