लखनऊ (उत्तर प्रदेश):- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले गढ़ यानी गोरखपुर में कुछ ऐसा हुआ, जिसने पूरी पुलिस फोर्स और सुरक्षा एजेंसियों को हिलाकर रख दिया है।
मुख्यमंत्री की सुरक्षा को ‘अभेद्य’ माना जाता है, जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता, लेकिन शनिवार को वहां एक ऐसी घटना घटी जिसने सबको हैरान कर दिया। जैसे ही मुख्यमंत्री अपनी गाड़ी से उतरे, एक बेकाबू गाय सीधे उनके सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए उनके वाहन की ओर बढ़ गई। यह नजारा देख वहां मौजूद कमांडो और पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। रविवार को जब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो शासन से लेकर प्रशासन तक हड़कंप मच गया। क्या वाकई यूपी के मुखिया की सुरक्षा में इतनी बड़ी सेंध लग सकती है? आइए जानते हैं उस पल की पूरी कहानी जब गोरखपुर की सड़कों पर सुरक्षा घेरा ताश के पत्तों की तरह बिखर गया।
रवि किशन के उतरते ही आई ‘गौ माता’
यह पूरा मामला 20 दिसंबर का है, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के पास बने नए ओवरब्रिज का उद्घाटन करने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री का काफिला जैसे ही रुका, सबसे पहले गाड़ी से स्थानीय सांसद और सुपरस्टार रवि किशन उतरे। इसके तुरंत बाद जैसे ही सीएम योगी अपनी गाड़ी से बाहर निकले, एक आवारा गाय तेजी से उनके सुरक्षा घेरे के अंदर घुस आई। गाय को अपने इतने करीब देख सुरक्षाकर्मी चौंक गए और तुरंत एक मानव श्रृंखला बनाकर सीएम को कवर किया। सुरक्षाकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद गाय को वहां से खदेड़ा। गनीमत रही कि उस वक्त कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई, लेकिन इस चूक ने सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है।
नगर निगम में मची खलबली
वीडियो वायरल होते ही गोरखपुर के नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। प्राथमिक जांच में पाया गया कि नगर निगम के सुपरवाइजर अरविंद कुमार, जिनकी जिम्मेदारी क्षेत्र में नागरिक व्यवस्थाओं और आवारा पशुओं की निगरानी की थी, उन्होंने अपने काम में घोर लापरवाही बरती। नतीजतन, अरविंद कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। नगर आयुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वीवीआईपी (VVIP) सुरक्षा में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब पूरे क्षेत्र की व्यवस्थाओं की नए सिरे से समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी ‘जानलेवा’ चूक दोबारा न हो।