पटना (बिहार):- बिहार में हिजाब को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का बयान सामने आया है जिसने इस पूरे मामले को एक नया दृष्टिकोण दिया है। राज्यपाल ने साफ शब्दों में कहा कि इसे किसी भी तरह से विवाद कहना गलत होगा। उनके अनुसार यह मामला राजनीति या टकराव का नहीं बल्कि एक भावनात्मक और पारिवारिक रिश्ते की तरह है।
आरिफ मोहम्मद खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और छात्रा नुसरत परवीन के संबंध को पिता और पुत्री जैसा बताया। उन्होंने कहा कि जैसे एक पिता अपनी बेटी की बात सुनता है और उसकी भलाई चाहता है उसी तरह मुख्यमंत्री ने भी छात्रा की बात को संवेदनशीलता से सुना। इस रिश्ते में किसी तरह के टकराव या विवाद की कोई जगह नहीं होती।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि समाज में कई बार छोटे मुद्दों को अनावश्यक रूप से बड़ा बना दिया जाता है। हिजाब का मामला भी इसी तरह राजनीतिक बहस का विषय बना दिया गया जबकि असल में यह संवाद और समझदारी से सुलझाया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा का माहौल शांत और सकारात्मक होना चाहिए।
उनका मानना है कि किसी भी छात्र या छात्रा की भावनाओं को समझना सरकार की जिम्मेदारी होती है। अगर कोई छात्र अपनी बात रखता है तो उसे सुना जाना चाहिए। इससे यह संदेश जाता है कि शासन व्यवस्था केवल नियमों तक सीमित नहीं बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी समझती है।
आरिफ मोहम्मद खान ने लोगों से अपील की कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग न दिया जाए। उन्होंने कहा कि जब हर बात को राजनीति से जोड़ दिया जाता है तो समाज में अनावश्यक तनाव पैदा होता है। बेहतर यही है कि ऐसे मामलों को आपसी संवाद और भरोसे के साथ सुलझाया जाए।
राज्यपाल के इस बयान के बाद हिजाब विवाद पर बहस का रुख कुछ हद तक नरम होता दिख रहा है। कई लोगों का मानना है कि इस तरह के संतुलित और भावनात्मक बयान से माहौल को शांत करने में मदद मिलती है। फिलहाल यह देखना अहम होगा कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर सरकार और समाज किस दिशा में आगे बढ़ता है।