Human-wildlife conflict नई दिल्ली:- केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सुंदरबन टाइगर रिजर्व में उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की जिसमें मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उपायों और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में टाइगर रिजर्व के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई जिसमें मानव-टाइगर संघर्ष को कम करने के लिए तीन सूत्री रणनीति और ‘टाइगर रिजर्व के बाहर टाइगर प्रबंधन’ परियोजना शामिल है।
बैठक में स्टाफ की कमी, वित्तीय संकट, आवास क्षरण और आक्रामक प्रजातियों के प्रबंधन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई और इन समस्याओं के समाधान के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए। परियोजना चीता के विस्तार और गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य और बन्नी घास के मैदान में इसकी प्रगति की भी समीक्षा की गई भूपेंद्र यादव ने कहा कि भारत का टाइगर संरक्षण मॉडल वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है और इसमें विज्ञान-आधारित प्रबंधन, परिदृश्य-स्तरीय योजना, समुदाय की भागीदारी और अंतर-राज्यीय समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए उपायों की भी समीक्षा की, जिसमें संघर्ष के कारणों और समाधान के तरीकों पर अध्ययन शामिल है।