यूपी में अवैध निर्माणों पर फिर सख्ती की तैयारी से बढ़ी हलचल

लखनऊ (उत्तर प्रदेश):- उत्तर प्रदेश में एक बार फिर अवैध निर्माणों को लेकर प्रशासनिक सख्ती के संकेत मिलने लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में आवास विकास परिषद ने भू उपयोग परिवर्तन से जुड़े निर्माणों की पहचान शुरू कर दी है। इसी क्रम में अवैध या नियमों के विपरीत बने भवनों की सूची तैयार की जा रही है। इस कार्रवाई की खबर सामने आते ही व्यापारियों और भवन स्वामियों में चिंता का माहौल बन गया है।

 

जानकारी के अनुसार शास्त्रीनगर योजना क्षेत्र में पहले सर्वे के दौरान करीब 860 निर्माण चिन्हित किए गए थे। हालांकि हाल ही में जो सूची सोशल मीडिया पर वायरल हुई है उसमें केवल 376 निर्माणों का ही उल्लेख बताया जा रहा है। इसी अंतर को लेकर लोगों में भ्रम और आशंका दोनों बढ़ गई हैं। कई व्यापारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उनका निर्माण किस श्रेणी में आता है और आगे क्या कार्रवाई हो सकती है।

उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह के मुताबिक अभी सर्वे की प्रक्रिया जारी है और अंतिम सूची तैयार नहीं हुई है। उन्होंने साफ किया कि सभी निर्माणों की गहन जांच की जा रही है ताकि यह तय किया जा सके कि कौन सा निर्माण नियमों के अनुरूप है और कौन सा अवैध श्रेणी में आता है। सर्वे पूरा होने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

पिछले कुछ वर्षों में यूपी में अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई ने काफी सुर्खियां बटोरी हैं। ऐसे में एक बार फिर इसी तरह की सख्ती की आशंका से बाजार और रिहायशी इलाकों में हलचल तेज हो गई है। व्यापारी वर्ग मांग कर रहा है कि किसी भी कार्रवाई से पहले स्पष्ट दिशा निर्देश और पर्याप्त समय दिया जाए।

प्रशासन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करना अनिवार्य है और नियमों से समझौता नहीं किया जा सकता। साथ ही यह भी भरोसा दिलाया गया है कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाएगी।

फिलहाल सभी की नजरें सर्वे रिपोर्ट और अंतिम सूची पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि क्या यूपी में एक बार फिर अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई देखने को मिलेगी या फिर नियमों के दायरे में समाधान निकाला जाएगा।

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