Experts : न्यूरोडाइवर्स बच्चों की देखभाल में माता-पिता की भूमिका अहम: विशेषज्ञ

Experts नई दिल्ली:- माता-पिता न्यूरोडाइवर्स बच्चों की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता की सक्रिय भागीदारी से बच्चों को बेहतर तरीके से समर्थन मिलता है और उनकी जरूरतें पूरी होती हैं।

न्यूरोडाइवर्स बच्चों की जरूरतें

न्यूरोडाइवर्स बच्चों को अक्सर विशेष जरूरतें होती हैं, जैसे कि:

– संवेदी संवेदनशीलता

– संचार में कठिनाई

– सामाजिक कौशल में कमी

– व्यवहार में चुनौतियाँ

– सीखने में कठिनाई

माता-पिता की भूमिका

माता-पिता न्यूरोडाइवर्स बच्चों की देखभाल में निम्नलिखित तरीकों से मदद कर सकते हैं:

– संवेदी संवेदनशीलता को समझना: माता-पिता अपने बच्चे की संवेदी जरूरतों को समझकर उन्हें शांत और आरामदायक वातावरण प्रदान कर सकते हैं।

– संचार में मदद करना: माता-पिता अपने बच्चे को संचार कौशल सिखाकर उन्हें अपनी जरूरतें व्यक्त करने में मदद कर सकते हैं।

– सामाजिक कौशल सिखाना: माता-पिता अपने बच्चे को सामाजिक कौशल सिखाकर उन्हें दूसरों के साथ बातचीत करने में मदद कर सकते हैं।

– व्यवहार में समर्थन देना: माता-पिता अपने बच्चे को व्यवहार में समर्थन देकर उन्हें सकारात्मक तरीके से व्यवहार करने में मदद कर सकते हैं।

– सीखने में मदद करना: माता-पिता अपने बच्चे को सीखने में मदद करके उन्हें शिक्षा में सफल होने में सहायता कर सकते हैं।

माता-पिता के लिए संसाधन

माता-पिता न्यूरोडाइवर्स बच्चों की देखभाल में मदद के लिए विभिन्न संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं जैसे कि:

– स्पेशल एजुकेशन प्रोग्राम: माता-पिता अपने बच्चे के लिए स्पेशल एजुकेशन प्रोग्राम का उपयोग कर सकते हैं।

– थेरेपी: माता-पिता अपने बच्चे के लिए थेरेपी का उपयोग कर सकते हैं जैसे कि ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी, और बिहेवियरल थेरेपी।

– सपोर्ट ग्रुप: माता-पिता सपोर्ट ग्रुप में शामिल होकर अन्य माता-पिता से जुड़ सकते हैं और अनुभव साझा कर सकते हैं।

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