भोपाल (मध्य प्रदेश):- एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां स्कूल की फीस न देने के कारण एक मासूम छात्रा को स्कूल वैन में चढ़ने से रोक दिया गया। यह दृश्य सड़क पर मौजूद लोगों ने देखा और देखते ही देखते मामला हंगामे में बदल गया। किसी ने सोचा भी नहीं था कि इस अपमान और मानसिक दबाव के बाद बच्ची ऐसा कदम उठा लेगी जिसे देखकर हर कोई सन्न रह गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रोज की तरह छात्रा तय समय पर स्कूल वैन के पास पहुंची थी। तभी वैन स्टाफ ने साफ कह दिया कि जब तक फीस जमा नहीं होगी तब तक उसे स्कूल नहीं ले जाया जाएगा। यह बात सबके सामने कही गई जिससे बच्ची भावनात्मक रूप से टूट गई। आसपास मौजूद लोगों ने बच्ची को समझाने की कोशिश की लेकिन वह गुमसुम होकर वहीं खड़ी रही।
कुछ ही देर बाद बच्ची ने अचानक ऐसा कदम उठाया कि वहां मौजूद लोग घबरा गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। बच्ची को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और उसके परिजनों को बुलाया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। स्कूल प्रबंधन और वैन संचालक से भी पूछताछ की जा रही है कि क्या नियमों के तहत इस तरह से बच्चे को सार्वजनिक रूप से रोका जा सकता है। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि बच्ची मानसिक दबाव में थी और उसे उचित तरीके से समझाया नहीं गया।
इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग और अभिभावक स्कूल प्रबंधन की संवेदनहीनता पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि फीस एक प्रशासनिक मुद्दा हो सकता है लेकिन किसी मासूम बच्चे को इस तरह अपमानित करना बिल्कुल गलत है।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि बच्चों पर इस तरह का दबाव गहरा असर डाल सकता है। स्कूलों को चाहिए कि वे फीस जैसे मामलों को बच्चों से दूर रखें और अभिभावकों से संवाद के जरिए समाधान निकालें। यह घटना पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि बच्चों की भावनाओं को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है।