EX-BJP Leader नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के चर्चित उन्नाव रेप केस में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनकी उम्रकैद की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें सशर्त जमानत दे दी है। यह फैसला न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने सुनाया।
कौन हैं कुलदीप सिंह सेंगर?
कुलदीप सिंह सेंगर उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक रसूखदार नाम रहे हैं। वे उन्नाव जिले की अलग-अलग सीटों से चार बार विधायक चुने गए। उनकी राजनीतिक ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे सपा, बसपा और भाजपा, तीनों प्रमुख दलों में रह चुके हैं। 2017 में जब रेप का मामला सामने आया, तब वे भाजपा के विधायक थे। हालांकि, मामला तूल पकड़ने और चौतरफा दबाव के बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2017 का है, जब एक नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया था कि कुलदीप सेंगर ने नौकरी दिलाने के बहाने उसके साथ बलात्कार किया। करीब एक साल तक मामला दबा रहा, लेकिन 2018 में जब पीड़िता ने न्याय न मिलने पर मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की, तब पूरे देश का ध्यान इस ओर गया। इसके बाद सीबीआई जांच शुरू हुई और सेंगर को गिरफ्तार किया गया। 2019 में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
क्या सेंगर जेल से बाहर आएंगे?
भले ही रेप केस में उनकी सजा निलंबित हो गई है लेकिन सेंगर की तत्काल रिहाई मुश्किल है। इसका कारण यह है कि वे पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में भी दोषी हैं और उसमें उन्हें 10 साल की सजा मिली हुई है। उस मामले में अभी उन्हें जमानत नहीं मिली है इसलिए फिलहाल वे जेल में ही रहेंगे।