दिसपुर (असम):- असम के कार्बी आंगलोंग जिले में लंबे समय से चला आ रहा जमीन खाली कराने का विवाद एक बार फिर हिंसक रूप में सामने आया है। हालिया घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। ताजा झड़पों में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जबकि पैंतालीस से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी शामिल हैं जिससे हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव हो गया। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और दोनों ओर से पथराव तथा हिंसा शुरू हो गई। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि यह जमीन सरकारी है और लंबे समय से अवैध कब्जे में थी। दूसरी ओर प्रभावित परिवारों का आरोप है कि वे वर्षों से वहां रह रहे हैं और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाया जा रहा है। इसी असंतोष ने हिंसक रूप ले लिया। घटना के बाद पूरे इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं ताकि स्थिति और न बिगड़े।
राज्य सरकार ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ साथ पीड़ितों की मदद की जाए। मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और घायलों के बेहतर इलाज का आश्वासन भी दिया गया है।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि जमीन से जुड़े विवाद कितने संवेदनशील होते हैं। यदि समय रहते संवाद और समाधान न निकाला जाए तो ऐसे टकराव हिंसा में बदल सकते हैं। प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच भरोसे की कमी इस संघर्ष की बड़ी वजह मानी जा रही है।
कार्बी आंगलोंग की यह घटना न केवल असम बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी है। विकास और कानून के पालन के साथ साथ मानवीय पहलू को समझना भी उतना ही जरूरी है। स्थायी समाधान तभी संभव है जब सभी पक्षों को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए।