बेंगलुरु (कर्नाटक):- कर्नाटक में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। राज्य में एक साथ 12 सरकारी अधिकारियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। यह कार्रवाई लोकायुक्त और भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों की संयुक्त टीम द्वारा की गई। आरोप है कि इन अधिकारियों ने नौकरी में रहते हुए आय से कई गुना अधिक संपत्ति जमा की है। छापेमारी की खबर फैलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
सूत्रों के अनुसार यह छापेमारी तड़के शुरू हुई और देर शाम तक चली। बेंगलुरु सहित कई जिलों में अधिकारियों के घरों कार्यालयों और अन्य ठिकानों की गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान करोड़ों रुपये की नकदी सोने के आभूषण महंगी गाड़ियां जमीनों के दस्तावेज और कई अहम फाइलें बरामद की गई हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि शुरुआती जांच में ही भारी अनियमितताओं के सबूत मिले हैं।
बताया जा रहा है कि जिन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है उनमें इंजीनियर राजस्व अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदों पर तैनात अधिकारी शामिल हैं। इन सभी पर लंबे समय से भ्रष्टाचार और अवैध कमाई के आरोप लग रहे थे। शिकायतों की पुष्टि होने के बाद एजेंसियों ने यह समन्वित कार्रवाई की।
लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
कर्नाटक में हुई इस छापेमारी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक सेवा में बैठे कुछ लोग निजी लाभ के लिए सिस्टम का दुरुपयोग कैसे करते हैं। साथ ही यह कार्रवाई ईमानदार अधिकारियों और आम जनता के लिए एक मजबूत संदेश भी मानी जा रही है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।