ढाका (बांग्लादेश):- बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। हसीना समर्थक छात्र संगठन ने हादी की मौत को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि यह हत्या नहीं बल्कि एक सोची समझी साजिश का हिस्सा है। संगठन का आरोप है कि इस पूरे मामले के पीछे यूनुस और उनके समर्थकों की भूमिका है जिसका मकसद देश में अस्थिरता फैलाना है।
छात्र संगठन के नेताओं ने साफ कहा कि हादी की मौत में उनका कोई हाथ नहीं है और सच्चाई को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनुस गुट लंबे समय से छात्र राजनीति का इस्तेमाल कर सरकार विरोधी माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। हादी की मौत को भी इसी रणनीति के तहत भुनाया जा रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत संदेश दिया जा सके।
इस बयान के साथ ही संगठन ने भारत को भी आगाह किया है। उनका कहना है कि बांग्लादेश में चल रही आंतरिक राजनीति को गलत नजरिए से न देखा जाए और किसी भी दुष्प्रचार का शिकार न बने। संगठन का दावा है कि कुछ ताकतें भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में दरार डालना चाहती हैं और इसी उद्देश्य से झूठे आरोप फैलाए जा रहे हैं।
हसीना समर्थक छात्र नेताओं ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि जांच से यह साफ हो जाएगा कि हादी की मौत एक राजनीतिक साजिश थी न कि किसी छात्र संगठन की हिंसक कार्रवाई।
वहीं यूनुस समर्थक खेमे ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कहा है कि छात्र संगठन सच्चाई से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। दोनों पक्षों के बयानों के बाद बांग्लादेश की राजनीति में तनाव और गहराता दिख रहा है।
इस घटनाक्रम पर भारत समेत क्षेत्र के अन्य देशों की नजर बनी हुई है क्योंकि इसका असर द्विपक्षीय रिश्तों और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी पड़ सकता है।