100 years : सीपीआई के 100 वर्ष: ‘मार्क्स, लेनिन के समय में एआई नहीं था… कम्युनिस्टों को इसका सामना करना होगा… बदलावों के साथ तालमेल बिठाना होगा’

100 years दिल्ली:- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के 100वें स्थापना दिवस पर पार्टी के महासचिव डी राजा ने कहा कि मार्क्स और लेनिन के समय में एआई नहीं था लेकिन अब कम्युनिस्टों को इसका सामना करना होगा और बदलावों के साथ तालमेल बिठाना होगा। उन्होंने कहा कि सीपीआई मार्क्सवादी विचारधारा और लेनिनवादी दर्शन के प्रति प्रतिबद्ध है लेकिन भारतीय परिस्थितियों में इसे लागू करने के तरीके पर विचार करना होगा

डी राजा ने कहा कि सीपीआई की स्थापना 1925 में हुई थी और तब से पार्टी ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कम्युनिस्टों को एआई जैसी नई चुनौतियों का सामना करना होगा और इसके लिए उन्हें अपने विचारों और रणनीतियों में बदलाव करना होगा। सीपीआई के महासचिव ने कहा कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों और किसानों के अधिकारों की रक्षा करना है और इसके लिए उन्हें एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि सीपीआई भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और आगे भी निभाती रहेगी।

सीपीआई के इतिहास पर एक नजर

सीपीआई की स्थापना 1925 में कानपुर में हुई थी। पार्टी ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और श्रमिकों और किसानों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। सीपीआई ने कई महत्वपूर्ण आंदोलनों में भाग लिया जिनमें तेभागा आंदोलन और तेलंगाना आंदोलन शामिल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *