इस्लामाबाद (पाकिस्तान):- पाकिस्तान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और अब देश के भीतर से ही सेना के खिलाफ खुली आवाजें उठने लगी हैं। इसी कड़ी में एक प्रमुख पाकिस्तानी मौलाना ने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और उनकी अगुवाई वाली फौज पर जमकर निशाना साधा है। मौलाना ने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान अब एक और युद्ध झेलने की स्थिति में बिल्कुल नहीं है और सेना की नीतियां देश को तबाही की ओर धकेल रही हैं।
मौलाना का कहना है कि आर्थिक बदहाली, महंगाई, बेरोजगारी और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा पाकिस्तान पहले ही अंदर से कमजोर हो चुका है। ऐसे में सेना द्वारा युद्ध जैसे हालात पैदा करना आम जनता के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेना सत्ता और सियासत में दखल देकर देश की समस्याओं को और गहरा कर रही है।
अपने बयान में मौलाना ने यह भी कहा कि आम पाकिस्तानी नागरिक रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहा है। खाने पीने की चीजें महंगी हो चुकी हैं, बिजली और गैस की किल्लत है और सरकार अंतरराष्ट्रीय कर्ज के बोझ तले दबी हुई है। ऐसे हालात में अगर जंग हुई तो उसका खामियाजा सिर्फ और सिर्फ आम जनता को भुगतना पड़ेगा।
मौलाना ने जनरल आसिम मुनीर से सेना को राजनीति से दूर रखने और देश के भीतर शांति कायम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इस समय युद्ध नहीं बल्कि स्थिरता, आर्थिक सुधार और आपसी एकता की जरूरत है। अगर सेना ने अपनी नीतियों पर दोबारा विचार नहीं किया तो देश में असंतोष और ज्यादा बढ़ सकता है।
इस बयान के बाद पाकिस्तान की राजनीति और धार्मिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान इस बात का संकेत है कि अब सेना के खिलाफ नाराजगी सिर्फ राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं रही बल्कि धार्मिक नेताओं के बीच भी गहराती जा रही है। यह स्थिति आने वाले समय में पाकिस्तान के लिए और बड़ी चुनौती बन सकती है।