नई दिल्ली :- पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने हिंदुओं पर कथित हमलों को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर राज्य में हिंदू समुदाय पर हो रहे हमले नहीं रुके तो वह पांच लाख साधुओं के साथ लौटेंगे। यह बयान उन्होंने सीधे तौर पर राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी के रूप में दिया है।
शुभेंदु अधिकारी का आरोप है कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और एक खास वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई इलाकों से हिंसा पलायन और धमकियों की खबरें सामने आ रही हैं लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उनके अनुसार प्रशासन की निष्क्रियता ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि साधु संतों और धार्मिक संगठनों में इस मुद्दे को लेकर गहरी नाराजगी है। अगर सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन बड़े स्तर पर फैल सकता है। शुभेंदु अधिकारी ने यह संकेत दिया कि यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि समाज की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
इस बयान के बाद सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं ने इसे भड़काऊ और डर का माहौल बनाने वाला बयान बताया है। उनका कहना है कि ऐसे शब्दों से सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचता है और राजनीति को उग्र दिशा में ले जाया जाता है।
वहीं भाजपा समर्थकों का मानना है कि शुभेंदु अधिकारी ने उन लोगों की आवाज उठाई है जो लंबे समय से खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर सरकार स्थिति को नियंत्रित करने में विफल रहती है तो विरोध स्वाभाविक है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन बयान के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क नजर आ रही हैं। शुभेंदु अधिकारी की चेतावनी ने एक बार फिर बंगाल की राजनीति को गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी घमासान तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।