नई दिल्ली :- भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने चौथे टी20 मुकाबले में श्रीलंका को हराकर एक बार फिर अपनी ताकत साबित कर दी। इस मैच में टीम इंडिया ने 30 रनों से जीत दर्ज की और सीरीज में अपना दबदबा बनाए रखा। मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत रही स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी जिसने श्रीलंकाई गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में डाल दिया।
टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम को तेज शुरुआत मिली। शेफाली वर्मा ने अपने चिर परिचित अंदाज में बिना किसी डर के बड़े शॉट लगाए। उन्होंने पावरप्ले में ही रन गति को तेज कर दिया जिससे टीम को मजबूत आधार मिला। दूसरी ओर स्मृति मंधाना ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। दोनों बल्लेबाज शतक से चूक गईं लेकिन उनकी पारियां टीम के लिए बेहद अहम साबित हुईं।
भारत ने निर्धारित ओवरों में एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। कप्तान चमारी अट्टापट्टू ने संघर्षपूर्ण पारी खेलने की कोशिश की लेकिन उन्हें दूसरे छोर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका। भारतीय गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी की जिससे रन बनाना मुश्किल होता चला गया।
जैसे जैसे मैच आगे बढ़ा श्रीलंका की रन गति और धीमी होती गई। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और टीम लक्ष्य से दूर होती चली गई। अंत में श्रीलंकाई टीम निर्धारित ओवरों में लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी और भारत ने 30 रनों से मैच अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का शानदार तालमेल टीम की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है। शेफाली और मंधाना की जोड़ी एक बार फिर दर्शकों के लिए रोमांच लेकर आई।
कुल मिलाकर यह मुकाबला भारतीय टीम के आक्रामक इरादों और संतुलित प्रदर्शन का उदाहरण रहा। आने वाले मैचों में भी फैंस को इसी तरह के दमदार खेल की उम्मीद रहेगी।