केरल में सामाजिक बदलाव की मिसाल बने पी विश्वनाथन

केरल (वायनाड):- केरल के वायनाड जिले से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा है। कालपेट्टा नगरपालिका में पी विश्वनाथन ने अध्यक्ष पद की शपथ लेकर इतिहास रच दिया है। पानिया जनजातीय समुदाय से ताल्लुक रखने वाले विश्वनाथन इस पद तक पहुंचने वाले अपने समाज के पहले व्यक्ति बन गए हैं। खास बात यह है कि वे पेशे से एक साधारण चौकीदार रहे हैं और अपनी मेहनत के बल पर आज एक महत्वपूर्ण संवैधानिक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

पी विश्वनाथन का सफर संघर्ष और आत्मसम्मान से भरा रहा है। सीमित संसाधनों और सामाजिक चुनौतियों के बीच उन्होंने कभी हार नहीं मानी। लंबे समय तक चौकीदार के रूप में काम करते हुए उन्होंने जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं को नजदीक से देखा। यही अनुभव आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। स्थानीय लोगों के बीच उनकी सादगी ईमानदारी और सेवा भावना ने उन्हें लोकप्रिय बना दिया।

 

नगरपालिका अध्यक्ष के रूप में शपथ लेने के बाद विश्वनाथन ने कहा कि उनका उद्देश्य सभी वर्गों के लोगों के लिए समान विकास सुनिश्चित करना है। वे खास तौर पर आदिवासी समुदाय शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर काम करना चाहते हैं। उनका मानना है कि जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं नहीं पहुंचेंगी तब तक सच्चा विकास संभव नहीं है।

 

उनकी इस उपलब्धि को सामाजिक न्याय और लोकतंत्र की जीत के रूप में देखा जा रहा है। केरल पहले से ही सामाजिक समावेशन के लिए जाना जाता है लेकिन विश्वनाथन की नियुक्ति ने इस परंपरा को और मजबूत किया है। यह संदेश साफ है कि लोकतंत्र में पद और प्रतिष्ठा किसी एक वर्ग की बपौती नहीं होती।

राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी पी विश्वनाथन को बधाई दी है। कई लोगों का कहना है कि उनकी कहानी युवाओं और वंचित समुदायों के लिए प्रेरणा बनेगी। यह उदाहरण साबित करता है कि ईमानदारी मेहनत और जनसमर्थन से कोई भी व्यक्ति नेतृत्व की ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।

कुल मिलाकर पी विश्वनाथन का नगरपालिका अध्यक्ष बनना केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि पूरे पानिया जनजाति और समाज के लिए गर्व का क्षण है। यह घटना भारत के लोकतंत्र की असली ताकत को दर्शाती है जहां साधारण व्यक्ति भी असाधारण बदलाव ला सकता है।

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