नई दिल्ली :- न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रस्तावित वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि इस बार चयनकर्ताओं ने कुछ अलग सोच के साथ 15 सदस्यीय टीम इंडिया का गठन किया है। सबसे ज्यादा हैरानी इस बात को लेकर है कि उन चार खिलाड़ियों को भी मौका दिया गया है जिन्हें लंबे समय से मुख्य कोच गौतम गंभीर का आलोचक या उनके विचारों से अलग माना जाता रहा है।
सूत्रों के मुताबिक चयन का आधार पूरी तरह प्रदर्शन और टीम संतुलन रखा गया है। हाल के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नजरअंदाज नहीं किया गया। यही वजह है कि मतभेदों की चर्चाओं के बावजूद इन खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया है। इससे यह संकेत भी मिलता है कि टीम प्रबंधन अब व्यक्तिगत पसंद नापसंद से ऊपर उठकर फैसले ले रहा है।
टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ साथ युवा चेहरों को भी जगह दी गई है। बल्लेबाजी क्रम को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया गया है ताकि न्यूजीलैंड की तेज और उछाल भरी पिचों पर भारत चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर सके। ऑलराउंडरों की मौजूदगी से टीम को संतुलन मिलेगा जबकि गेंदबाजी में विविधता रखने की कोशिश की गई है।
गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद यह पहला मौका माना जा रहा है जब उनके कथित विरोधी खिलाड़ियों को भी खुलकर मौका दिया गया है। क्रिकेट विशेषज्ञ इसे सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। उनका कहना है कि इससे ड्रेसिंग रूम का माहौल बेहतर होगा और खिलाड़ियों में भरोसा बढ़ेगा।
न्यूजीलैंड के खिलाफ यह वनडे सीरीज भारत के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। इस सीरीज से न सिर्फ टीम संयोजन की परीक्षा होगी बल्कि आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए भी दिशा तय होगी। अब देखना यह है कि यह संतुलित और चर्चित टीम मैदान पर कितना प्रभावी प्रदर्शन कर पाती है।