Guidelines दिल्ली:- भारत सरकार ने निर्यात प्रोत्साहन मिशन (ईपीएम) के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी कर ली है जो इस सप्ताह जारी होने की संभावना है। ईपीएम का उद्देश्य भारतीय निर्यातकों को वैश्विक व्यापार में प्रतिस्पर्धी बनाने और निर्यात को बढ़ावा देना है।
निर्यात प्रोत्साहन मिशन की प्रमुख विशेषताएं
– ईपीएम के लिए 25,060 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जो 2025-26 से 2030-31 तक की अवधि के लिए है।
– मिशन के दो उप-योजनाएं हैं: निर्यात प्रोत्साहन (निर्यात प्रोत्साहन) और निर्यात दिशा (निर्यात दिशा)।
– निर्यात प्रोत्साहन के तहत, एमएसएमई को सस्ते व्यापार वित्त तक पहुंच प्रदान की जाएगी, जबकि निर्यात दिशा के तहत, निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग, पैकेजिंग और लॉगिस्टिक्स में सहायता प्रदान की जाएग।
निर्यात प्रोत्साहन मिशन के लाभ
– ईपीएम भारतीय निर्यातकों को वैश्विक व्यापार में प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगा।
– मिशन के तह मएसएमई को सस्ते व्यापार वित्त तक पहुंच प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें अपने निर्यात व्यवसाय को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
– ईपीएम के तहत निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग, पैकेजिंग और लॉगिस्टिक्स में सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने में मदद मिलेगी।