नई दिल्ली :- हिंदी सिनेमा की पहली लेडी सुपरस्टार श्रीदेवी की आखिरी फिल्म मॉम थी जो रिलीज के बाद दर्शकों और आलोचकों दोनों के दिलों में अपनी खास जगह बना गई थी। यह फिल्म 2017 में आई थी और इसमें श्रीदेवी ने मुख्य भूमिका निभाई थी जिसमें उनकी अभिनय क्षमता की पूरी ताकत सामने आई थी। यह वही फिल्म रही जिसने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड अपने नाम किए थे और इसका दिल दहलाने वाला थ्रिलर स्टाइल दर्शकों को आज भी चैन से बैठने नहीं देता।
फिल्म मॉम की कहानी बेहद मजबूत और भावनात्मक थी जिसमें श्रीदेवी देवकी सबरवाल का किरदार निभा रही थीं। इस किरदार की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि देवकी एक सरल जीवन जीने वाली टीचर थी लेकिन जब उसकी सौतेली बेटी के साथ भयानक अन्याय होता है तो देवकी अपनी बेटी के लिए न्याय पाने के लिए हर हद तक जाने को तैयार हो जाती है। इसमें अक्षय खन्ना और नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी जिससे कहानी के हर हिस्से में दमदार अभिनय देखने को मिला।
फिल्म में जिस तरह से भावनाएं और थ्रिलर का मिश्रण लोगों के सामने आया वह सिनेमाई दुनियाभर में सराहा गया और इस फिल्म को श्रीदेवी को नेशनल अवॉर्ड भी मिला। उनकी यह आखिरी फिल्म बन गई और इसी के साथ उन्होंने दर्शकों को एक यादगार तोहफा दिया जिसे भुलाया नहीं जा सकता।
श्रीदेवी के फैंस के लिए यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन का स्रोत नहीं थी बल्कि उनके कॅरियर की अंतिम और सबसे यादगार प्रस्तुति थी। आज भी जब भी यह फिल्म देखी जाती है तो लोग उसके हर दृश्य को भावनात्मक रूप से महसूस करते हैं क्योंकि इसमें सिर्फ एक कहानी नहीं बल्कि एक मां का दर्द और संघर्ष भी दर्शाया गया है।
इस तरह मॉम न केवल एक थ्रिलर फिल्म थी बल्कि एक स्त्री की शक्ति और न्याय की तलाश की कहानी थी जिसने आज भी दर्शकों की रूह कंपा दी।