नई दिल्ली :- बॉलीवुड की एक जानी मानी 51 साल की एक्ट्रेस इन दिनों करीब 450 करोड़ रुपये की बड़ी फिल्म में काम कर रही हैं। अपनी दमदार अदाकारी और अलग पहचान के लिए मशहूर यह अभिनेत्री एक बार फिर सुर्खियों में हैं लेकिन इस बार वजह उनकी फिल्म नहीं बल्कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री पर दिया गया बेबाक बयान है। उन्होंने बॉलीवुड के बदलते कंटेंट और सोच पर खुलकर तंज कसा है।
एक हालिया इंटरव्यू के दौरान एक्ट्रेस ने कहा कि हिंदी फिल्मों से अब परिवार की भावना लगभग खत्म हो चुकी है। उनका कहना था कि पहले की फिल्मों में रिश्ते भावनाएं और पारिवारिक मूल्य देखने को मिलते थे लेकिन आज की ज्यादातर फिल्मों में सिर्फ ग्लैमर हिंसा और बोल्डनेस पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हिंदी फिल्मों में फैमिली मर गई है।
अभिनेत्री ने आगे बताया कि पहले पूरा परिवार साथ बैठकर फिल्में देख सकता था। दादी नानी बच्चे और माता पिता सभी के लिए फिल्मों में कुछ न कुछ होता था। लेकिन अब कंटेंट इतना बदल गया है कि परिवार के साथ बैठकर फिल्म देखना मुश्किल हो गया है। उन्होंने इसे हिंदी सिनेमा के लिए चिंता का विषय बताया।
हालांकि एक्ट्रेस ने यह भी माना कि आज के समय में टेक्नोलॉजी और दर्शकों की पसंद में बदलाव आया है। ओटीटी प्लेटफॉर्म और ग्लोबल सिनेमा के असर से कहानी कहने का तरीका बदला है। इसके बावजूद उनका मानना है कि भारतीय सिनेमा की जड़ें पारिवारिक मूल्यों में ही रही हैं और उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
450 करोड़ की फिल्म में काम कर रहीं इस अभिनेत्री का कहना है कि बड़े बजट और शानदार वीएफएक्स से ज्यादा जरूरी मजबूत कहानी और भावनात्मक जुड़ाव होता है। अगर फिल्म दिल से जुड़ती है तो दर्शक उसे जरूर अपनाते हैं।
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग उनके विचारों से सहमत नजर आ रहे हैं तो कुछ इसे बदलते दौर की जरूरत बता रहे हैं। लेकिन इतना तय है कि उनके इस बयान ने बॉलीवुड के कंटेंट पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।