Decode Politics उत्तराखंड:- उत्तराखंड में अंकीता भंडारी हत्या मामला एक बार फिर से सुर्खियों में है। इस मामले में नए खुलासे होने के बाद बीजेपी सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। अंकीता भंडारी की हत्या सितंबर 2022 में हुई थी, जब वह ऋषिकेश के एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था जिनमें रिसॉर्ट का मालिक पुलकित आर्य भी शामिल था अंकीता की हत्या के बाद से ही बीजेपी सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि वह मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। अब नए खुलासे होने के बाद बीजेपी के लिए यह मामला नई मुश्किल बन गया है। अंकीता के परिवार और समर्थकों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
क्या है मामला?
अंकीता भंडारी की हत्या के मामले में नए खुलासे होने के बाद बीजेपी सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। अंकीता के परिवार और समर्थकों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम पर आरोप लगाया गया है कि वह अंकीता की हत्या में शामिल थे ।
क्या कह रहे हैं सीएम धामी?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि वह अंकीता के परिवार के साथ हैं और मामले की जांच में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। धामी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो मामले की सीबीआई जांच भी कराई जा सकती है ।
क्या है आगे का रास्ता?
अंकीता भंडारी हत्या मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। बीजेपी सरकार के लिए यह मामला नई मुश्किल बन गया है। अब देखना होगा कि मामले की जांच में क्या सामने आता है और बीजेपी सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।