मुंबई (महाराष्ट्र):- भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिली है जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बिकवाली का दबाव साफ नजर आया। बाजार की इस कमजोरी के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं। आइए जानते हैं वे 5 बड़ी वजहें जिनके चलते बाजार लगातार नीचे फिसलता चला गया।
1. ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत
अमेरिका और एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और वहां की आर्थिक अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया जिससे जोखिम लेने की भावना कमजोर हुई।
2. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
एफआईआई यानी विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। बड़े पैमाने पर बिकवाली के कारण बैंकिंग आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों पर खासा दबाव देखने को मिला।
3. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत की आयात लागत बढ़ने की आशंका है। इससे महंगाई और चालू खाते के घाटे की चिंता बढ़ जाती है जो शेयर बाजार के लिए नकारात्मक संकेत माना जाता है।
4. रुपये में कमजोरी
डॉलर के मुकाबले रुपये में आई गिरावट ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। कमजोर रुपया विदेशी कर्ज और आयात पर निर्भर कंपनियों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।
5. मुनाफावसूली और तकनीकी दबाव
पिछले कुछ समय में आई तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसके साथ ही तकनीकी स्तर टूटने से ऑटोमैटिक सेलिंग बढ़ी और गिरावट और गहरी हो गई।
कुल मिलाकर बाजार पर फिलहाल अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक संकेत और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां स्थिर नहीं होतीं तब तक उतार चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए सोच समझकर फैसले लेने की सलाह दी जा रही है।