नई दिल्ली :- उत्तर भारत में ठंड ने एक बार फिर अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। हरियाणा और दिल्ली एनसीआर के इलाकों में उत्तरी बर्फीली हवाओं के चलते तापमान तेजी से गिर गया है। महेंद्रगढ़ जिले में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान माना जा रहा है। भीषण ठंड के कारण लोगों को सुबह और रात के समय घरों से बाहर निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही ठंडी हवाओं ने मैदानी इलाकों में शीतलहर की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। कई जगहों पर पाला जमने की खबरें सामने आई हैं जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए रात के समय खेतों में धुआं करने जैसे पारंपरिक उपाय अपना रहे हैं।
दिल्ली एनसीआर में भी ठंड का असर साफ नजर आ रहा है। सुबह के समय घना कोहरा और सर्द हवाएं लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रही हैं। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है और स्कूल जाने वाले बच्चों बुजुर्गों और दफ्तर जाने वालों को खास सावधानी बरतनी पड़ रही है। ठंड बढ़ने से अलाव और हीटर की मांग भी बढ़ गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। ठंड के कारण सर्दी खांसी और सांस से जुड़ी बीमारियों के मामलों में भी इजाफा देखा जा रहा है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत की संभावना कम जताई है। शीतलहर का असर अभी बना रह सकता है और तापमान में और गिरावट आ सकती है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर स्थानीय निर्देशों का पालन करने की अपील की है।