पर्यटन की नई राहें और सोनभद्र का भविष्य

सोनभद्र (उत्तर प्रदेश):- दस्तक हिंदुस्तान ने जिले के पर्यटन अधिकारी राजेश भारती से विशेष बातचीत की जिसमें उन्होंने सोनभद्र जिले की पर्यटन संभावनाओं विकास योजनाओं और भविष्य की दिशा पर विस्तार से विचार साझा किए। राजेश भारती ने कहा कि सोनभद्र प्राकृतिक सौंदर्य सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध जिला है जिसे राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

 

उन्होंने बताया कि जिले में जलप्रपात वन क्षेत्र पहाड़ियां धार्मिक स्थल और आदिवासी संस्कृति पर्यटन को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। सरकार की मंशा है कि इन स्थलों को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएं ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले।

 

राजेश भारती के अनुसार पर्यटन विकास में स्थानीय सहभागिता को विशेष महत्व दिया जा रहा है। गांव स्तर पर होम स्टे योजना को प्रोत्साहित किया जा रहा है जिससे पर्यटक स्थानीय जीवन शैली को करीब से समझ सकें। इसके साथ ही युवाओं को गाइड प्रशिक्षण हस्तशिल्प और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है ताकि वे पर्यटन से सीधे लाभान्वित हो सकें।

 

बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण विभाग और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर पर्यटन स्थलों को स्वच्छ और सुरक्षित रखा जा रहा है। सड़क संपर्क संकेतक बोर्ड और मूलभूत सुविधाओं पर लगातार काम हो रहा है ताकि पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

दस्तक हिंदुस्तान से बातचीत के दौरान राजेश भारती ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में सोनभद्र पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संपदा को संरक्षित रखने में सहयोग करें। उनका मानना है कि जब समाज और प्रशासन मिलकर काम करते हैं तब पर्यटन केवल भ्रमण का साधन नहीं बल्कि विकास का मजबूत आधार बन जाता है।

 

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