श्रीनगर (जम्मू कश्मीर):- जम्मू कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में उस समय तनाव का माहौल बन गया जब कई जिलों में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए। सांबा राजौरी और पुंछ जिलों में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के पास ड्रोन की गतिविधि महसूस की गई। स्थानीय लोगों और सुरक्षाबलों ने आसमान में ड्रोन जैसी आवाजें सुनी जिसके बाद तुरंत अलर्ट जारी कर दिया गया।
सुरक्षाबलों ने बिना देरी किए पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू कर दिया। सेना बीएसएफ और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से संवेदनशील इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही है। सीमावर्ती गांवों में अतिरिक्त नाके लगाए गए हैं और रात के समय गश्त बढ़ा दी गई है। ड्रोन के जरिए हथियार या मादक पदार्थ गिराए जाने की आशंका को देखते हुए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार कम से कम पांच ड्रोन की मूवमेंट देखी गई है। हालांकि अब तक किसी विस्फोटक या आपत्तिजनक सामग्री की बरामदगी की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी हालात को गंभीर मानते हुए हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। ड्रोन रोधी तकनीक और निगरानी उपकरणों को सक्रिय किया गया है ताकि किसी भी खतरे को समय रहते रोका जा सके।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षाबलों को दें। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में ड्रोन के जरिए घुसपैठ और तस्करी की कोशिशें बढ़ी हैं। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहतीं। जम्मू कश्मीर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए हर स्तर पर तैयारी की जा रही है। आने वाले समय में जांच पूरी होने के बाद ड्रोन गतिविधि के पीछे की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।