नई दिल्ली :- भारतीय रेल एक बार फिर आधुनिक यात्रा की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सत्रह जनवरी को देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की औपचारिक शुरुआत होने वाली है जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन खासतौर पर लंबी दूरी की यात्राओं को आरामदायक और तेज बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। यात्रियों को इसमें होटल जैसी सुविधाओं के साथ आधुनिक रेल यात्रा का अनुभव मिलेगा।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका किराया और बुकिंग सिस्टम है। इसमें केवल ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा होगी और आरएसी या वेटिंग टिकट की व्यवस्था नहीं रखी गई है। यानी सीट या बर्थ कन्फर्म होने पर ही टिकट जारी होगा। किराया एयरलाइन की तर्ज पर तय किया गया है जो मांग और समय के अनुसार बदल सकता है। शुरुआती जानकारी के अनुसार एक यात्री को लगभग तेरह हजार रुपये तक का किराया देना पड़ सकता है।
इस ट्रेन के रूट को लेकर भी यात्रियों में काफी उत्सुकता है। पहले चरण में इसे प्रमुख महानगरों को जोड़ने के लिए चलाया जाएगा ताकि व्यावसायिक यात्रियों और लंबी दूरी तय करने वालों को फायदा मिल सके। तेज रफ्तार के साथ यह ट्रेन समय की बचत करेगी और रात में सफर करने वालों के लिए बेहतरीन विकल्प बनेगी।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। महिलाओं दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से कोटा तय किया गया है ताकि उन्हें यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। कोच में आरामदायक स्लीपर बर्थ आधुनिक शौचालय बेहतर लाइटिंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह ट्रेन भविष्य में लंबी दूरी की यात्रा की तस्वीर बदल देगी। इससे न केवल रेल यात्रा को नई पहचान मिलेगी बल्कि विमान के मुकाबले एक मजबूत विकल्प भी तैयार होगा। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित हो सकती है।