नई दिल्ली :- सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने अपने जवानों में अनुशासन और सख्त नियमों को लागू करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य शराब पीने वाले या शराब के प्रभाव में असावधान व्यवहार करने वाले सैनिकों को पहचानना और आवश्यक कार्रवाई करना है।
सूत्रों के अनुसार अब तक लगभग 50 ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें जवानों ने सीमा क्षेत्र में शराब पीने या अनुशासनहीनता दिखाने की पुष्टि हुई है। इनमें से कुछ मामलों में सैनिकों के व्यवहार से न केवल सुरक्षा पर असर पड़ा बल्कि साथ ही सीमा पर गश्त और निगरानी में बाधा भी आई।
एसएसबी के उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सीमा पर तैनात जवानों के लिए अनुशासन और संयम सर्वोपरि है। किसी भी सैनिक के शराब सेवन से उसकी निर्णय क्षमता और जिम्मेदारी प्रभावित होती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
इस अभियान के तहत अब तक 50 जवानों की पहचान की गई है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें चेतावनी, स्थानांतरण या सशर्त सेवा समाप्ति तक शामिल हो सकती है।
अधिकारियों ने कहा कि यह कदम केवल नियम लागू करने के लिए नहीं बल्कि जवानों को सही मार्ग पर लाने और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। उन्होंने सभी सैनिकों से अपील की है कि वे शराब या किसी भी नशे का सेवन सीमा पर न करें और अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाएं।
यह अभियान राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सशस्त्र बलों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।