Deloitte नई दिल्ली:- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में मजबूत प्रदर्शन बनाए रखने के लिए तैयार है। अंतरराष्ट्रीय कंसल्टिंग फर्म डेलॉयट (Deloitte) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 7.5 से 7.8 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। वहीं वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में यह दर थोड़ी कम होकर 6.6 से 6.9 प्रतिशत के दायरे में रह सकती है। डेलॉयट की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की आर्थिक वृद्धि को मजबूत घरेलू मांग, सरकारी पूंजीगत व्यय और बुनियादी ढांचे में लगातार हो रहे निवेश से समर्थन मिल रहा है। केंद्र सरकार द्वारा सड़क, रेल, ऊर्जा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देने से रोजगार के अवसर बढ़े हैं जिससे उपभोग और निवेश दोनों को गति मिली है।FY26 के दौरान उच्च विकास दर का एक बड़ा कारण विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है।
‘मेक इन इंडिया’ और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं ने उद्योगों में नई क्षमता विकसित करने में मदद की है जिससे निर्यात और घरेलू उत्पादन दोनों में सुधार हुआ है। इसके साथ ही आईटी, वित्तीय सेवाएं, पर्यटन और स्वास्थ्य जैसे सेवा क्षेत्रों में मांग मजबूत बनी हुई है। FY27 में विकास दर में संभावित मामूली गिरावट का कारण वैश्विक आर्थिक सुस्ती, भू-राजनीतिक तनाव और उच्च आधार प्रभाव बताया गया है। हालांकि, डेलॉयट का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी होगी और भारत की अर्थव्यवस्था दीर्घकाल में स्थिर और टिकाऊ विकास के रास्ते पर बनी रहेगी। रिपोर्ट के अनुसार, यदि मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहती है और मौद्रिक नीति सहायक बनी रहती है, तो निवेश माहौल और बेहतर होगा। कुल मिलाकर डेलॉयट का आकलन भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखने की ओर संकेत करता है।