TRAI intervention नई दिल्ली:- नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी से जुड़ी समस्याओं को लेकर देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) से हस्तक्षेप की मांग की है। टेलीकॉम ऑपरेटरों का कहना है कि एयरपोर्ट परिसर में नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने और सेवाएं सुचारू रूप से शुरू करने में उन्हें कई प्रशासनिक और नीतिगत अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार टेलीकॉम कंपनियों ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि नवी मुंबई एयरपोर्ट के प्रबंधन द्वारा नेटवर्क उपकरण लगाने, टावर और इनडोर सॉल्यूशन स्थापित करने के लिए अत्यधिक शुल्क और सख्त शर्तें लगाई जा रही हैं। इससे यात्रियों को बेहतर मोबाइल और डेटा सेवाएं उपलब्ध कराने में देरी हो रही है। ऑपरेटरों का कहना है कि आधुनिक हवाई अड्डों में निर्बाध कनेक्टिविटी यात्रियों की बुनियादी जरूरत बन चुकी है। टेलीकॉम कंपनियों ने यह भी तर्क दिया है कि एयरपोर्ट जैसे सार्वजनिक महत्व के स्थानों पर दूरसंचार सेवाओं को आवश्यक बुनियादी ढांचे का हिस्सा माना जाना चाहिए। यदि नेटवर्क की अनुमति और शुल्क नीति पारदर्शी एवं व्यावहारिक नहीं होगी, तो इसका सीधा असर यात्रियों के अनुभव और डिजिटल सेवाओं पर पड़ेगा।
इस मुद्दे पर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह एयरपोर्ट प्राधिकरण और टेलीकॉम ऑपरेटरों के बीच संतुलन बनाते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे। टेलीकॉम सेक्टर का मानना है कि एक समान नीति लागू होने से न केवल नवी मुंबई एयरपोर्ट बल्कि देश के अन्य हवाई अड्डों पर भी कनेक्टिविटी से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो सकेगा। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि नवी मुंबई एयरपोर्ट एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हब के रूप में विकसित होने जा रहा है। ऐसे में वहां विश्वस्तरीय डिजिटल और मोबाइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की भूमिका इस मामले में अहम मानी जा रही है, ताकि यात्रियों को निर्बाध नेटवर्क सेवा मिल सके और डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को भी मजबूती मिले।