नई दिल्ली :- भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में रोमांच अपने चरम पर रहा लेकिन अंत में बाजी मेहमान टीम के हाथ लगी। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर दो सौ चौरासी रन बनाए। इस स्कोर की नींव केएल राहुल की शानदार शतकीय पारी ने रखी। राहुल ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए मुश्किल समय में टीम को संभाला और दर्शकों को उम्मीद दी कि भारत मजबूत स्थिति में है।
भारतीय पारी के दौरान शुरुआती झटकों के बाद राहुल ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने स्ट्राइक रोटेट करते हुए मौके पर बड़े शॉट लगाए। उनके साथ मध्यक्रम के अन्य बल्लेबाजों ने उपयोगी योगदान दिया लेकिन अंतिम ओवरों में रन गति थोड़ी धीमी पड़ गई। इसके बावजूद भारतीय गेंदबाजों के लिए लक्ष्य चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था।
जवाब में न्यूजीलैंड की शुरुआत संतुलित रही। हालांकि बीच के ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने वापसी की कोशिश की लेकिन डैरिल मिचेल ने सारी योजनाओं पर पानी फेर दिया। मिचेल ने जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए शानदार शतक जमाया। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ धैर्य दिखाया और खराब गेंदों का पूरा फायदा उठाया। उनके शॉट चयन और मैदान के चारों ओर रन बटोरने की कला काबिल ए तारीफ रही।
मिचेल को दूसरे छोर से अच्छा समर्थन भी मिला जिससे रन चेज आसान होता चला गया। जैसे जैसे लक्ष्य करीब आता गया भारतीय टीम पर दबाव बढ़ता गया। अंततः न्यूजीलैंड ने सैंतालीस ओवर और तीन गेंदों में लक्ष्य हासिल कर लिया और सात विकेट से मुकाबला जीत लिया।
इस जीत के साथ ही तीन मैचों की श्रृंखला अब एक एक की बराबरी पर आ गई है। भारतीय टीम के लिए यह हार चेतावनी की तरह है कि सिर्फ बड़ा स्कोर बनाना ही काफी नहीं होता। वहीं न्यूजीलैंड ने दिखा दिया कि मजबूत मानसिकता और एक बड़ी पारी मैच का रुख बदल सकती है।
अब सभी की नजरें निर्णायक मुकाबले पर टिकी हैं जो रविवार को खेला जाएगा। यह मैच तय करेगा कि श्रृंखला की ट्रॉफी किसके नाम जाती है। दोनों टीमें पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेंगी और दर्शकों को एक और रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।