Swift Exit असम:- असम के एक पूर्व अल्पसंख्यक छात्र नेता रेजाउल करीम सरकार ने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के महज तीन दिन बाद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका यह फैसला उनके एक भाषण के बाद आया है जिसमें उन्होंने असम के शिवसागर जिले को धुबरी जिले में बदलने और धुबरी को शिवसागर बनाने की बात कही थी। इस बयान ने कांग्रेस पार्टी के अंदर और बाहर काफी विवाद पैदा कर दिया था रेजाउल करीम सरकार ने अपने इस्तीफे के पत्र में कहा है कि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विशेष रूप से देबब्रत सैकिया और प्रद्युत बोरदोलोई के बयान ने उन्हें गहरी नैतिक और वैचारिक पीड़ा पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के बयान ने उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाया है और उन्हें पार्टी में बने रहने में मुश्किल हो रही है।
इस विवाद के बाद, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि रेजाउल करीम सरकार का बयान असम की संस्कृति और पहचान के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को ऐसे नेताओं को तुरंत पार्टी से बाहर निकाल देना चाहि कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने रेजाउल करीम सरकार के बयान की आलोचना की है और कहा है कि यह पार्टी की नीतियों के खिलाफ है। पार्टी के नेता गौरव गोगोई ने कहा कि रेजाउल करीम सरकार का बयान व्यक्तिगत है और पार्टी की नीतियों को नहीं दर्शाता है।