नई दिल्ली :- दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण को प्रभावी रूप से नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक चार वर्षीय एक्शन प्लान पेश किया है जिसका लक्ष्य मार्च 2029 तक हवा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाना है। इस योजना में सार्वजनिक परिवहन और स्वच्छ मोबिलिटी को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि शहर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके।
योजना के मुख्य बिंदुओं में दिल्ली की बस बेड़े का विस्तार शामिल है। सरकार का लक्ष्य 14,000 बसें उपलब्ध कराना है जिनमें 500 छोटी बसें आखिरी माइल कनेक्टिविटी के लिए शामिल होंगी। इस लक्ष्य को दिसंबर 2026 तक 6,000 बसों, दिसंबर 2027 तक 7,500 और मार्च 2028 तक 10,400 बसों के चरणबद्ध विस्तार से हासिल किया जाएगा। इस विस्तार से जनता को सार्वजनिक परिवहन का बेहतर विकल्प मिलेगा और निजी वाहन उपयोग में कमी आएगी।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ईवी पॉलिसी 2.0 तैयार की गई है। इसके तहत सार्वजनिक चार्जिंग और बैटरी-स्वैपिंग पॉइंट्स की संख्या मौजूदा लगभग 9,000 से बढ़ाकर 36,000 करने की योजना है। यह कदम इलेक्ट्रिक दोपहिया और कमर्शियल वाहनों के अपनाने को प्रोत्साहित करेगा और प्रदूषण फैलाने वाले पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों के इस्तेमाल को घटाएगा।
योजना में सड़क अवसंरचना को भी मजबूत करना शामिल है। सरकार ने लगभग 3,300 किलोमीटर सड़कों का पुनर्विकास और उन्नयन करने के लिए 6,000 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है ताकि सड़क धूल से होने वाला प्रदूषण कम हो सके। साथ ही जाम प्वाइंट सुधार, ट्रैफिक नियंत्रण के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती, और मेट्रो तथा RRTS नेटवर्क का विस्तार भी इस प्लान का अहम हिस्सा है।
लैंडफिल साइट्स की समयबद्ध सफाई, औद्योगिक प्रदूषण पर कड़ी कार्रवाई, और हरित क्षेत्रों का विस्तार भी इस चार वर्षीय रोडमैप का हिस्सा हैं। सरकार का मानना है कि तकनीक के साथ-साथ जनभागीदारी और व्यवहारगत बदलाव ही हवा की गुणवत्ता में सुधार को स्थायी बना सकते हैं।
मुख्य पहलें:
• 14,000 बसें और 36,000 ईवी चार्जिंग पॉइंट्स का लक्ष्य
• 3,300 किमी सड़कों का उन्नयन
• मेट्रो और RRTS नेटवर्क का विस्तार
• लैंडफिल साइट्स की सफाई
• प्रदूषणकारी उद्योगों पर निगरानी और कार्रवाई
यह योजना दिल्ली को स्वच्छ और स्वस्थ शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।