नई दिल्ली :- हिंदी सिनेमा में भव्यता और शानो शौकत दिखाने का चलन कोई नया नहीं है। दशकों से फिल्म निर्माता दर्शकों को आकर्षित करने के लिए बड़े सेट शानदार लोकेशन और भारी भरकम बजट का सहारा लेते आए हैं। लेकिन एक फिल्म ऐसी भी रही है जिसने अपने सिर्फ एक गाने पर इतना पैसा खर्च किया कि वह आज भी मिसाल के तौर पर याद की जाती है। इस गाने में करीब दो सौ डांसर तीन सौ जूनियर आर्टिस्ट और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। इस एक गाने का बजट लगभग तीन करोड़ रुपये बताया जाता है जो उस समय पूरी फिल्म के बजट के लगभग बराबर माना गया।
यह गाना सिर्फ संगीत या डांस के लिए नहीं बल्कि भव्यता के प्रदर्शन के लिए भी जाना जाता है। विशाल सेट को खास तौर पर इस गाने के लिए तैयार किया गया था। सेट डिजाइन से लेकर लाइटिंग और कॉस्ट्यूम तक हर चीज पर बारीकी से काम किया गया। डांसरों के कपड़े विदेश से मंगवाए गए और कोरियोग्राफी में कई हफ्तों की मेहनत लगी। शूटिंग कई दिनों तक चली और हर दिन सैकड़ों लोगों की टीम इस गाने को परफेक्ट बनाने में जुटी रही।
फिल्म के निर्माता का मानना था कि यह गाना फिल्म की पहचान बनेगा और दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लाएगा। यही वजह थी कि बजट की परवाह किए बिना इसमें खुलकर खर्च किया गया। रिलीज के बाद यह गाना सुपरहिट साबित हुआ और आज भी इसे हिंदी सिनेमा के सबसे भव्य गानों में गिना जाता है। दर्शकों ने इसकी भव्यता और स्केल की जमकर तारीफ की।
इस गाने की सफलता ने यह साबित कर दिया कि अगर कंटेंट और प्रस्तुति दमदार हो तो दर्शक उसे हाथों हाथ लेते हैं। हालांकि आज के समय में ओटीटी और बदलते ट्रेंड्स के बीच इतने बड़े बजट के गाने कम ही देखने को मिलते हैं। फिर भी यह गाना हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास में एक यादगार अध्याय बन चुका है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उदाहरण है कि सिनेमा में कल्पना और भव्यता की कोई सीमा नहीं होती।