नई दिल्ली :- दिल्ली एनसीआर में एक बार फिर वायु प्रदूषण ने खतरनाक रूप ले लिया है। सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब स्तर पर पहुंच गया जिससे लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ने लगा है। कई इलाकों में सांस लेना मुश्किल हो गया है और आंखों में जलन खांसी व सिरदर्द की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने तत्काल प्रभाव से ग्रैप स्टेज थ्री लागू कर दिया है।
ग्रैप स्टेज थ्री लागू होते ही कई कड़े प्रतिबंध प्रभावी हो गए हैं। अब बीएस थ्री पेट्रोल और बीएस फोर डीजल वाहनों को सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही बड़े स्तर पर चल रहे निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर भी रोक लगा दी गई है। सरकारी और निजी निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। खुले में कचरा जलाने पर पहले से ज्यादा निगरानी बढ़ा दी गई है।
बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए कक्षा पांच तक के स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई की व्यवस्था लागू की गई है। यानी बच्चे जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन माध्यम से भी पढ़ाई कर सकेंगे। बुजुर्गों और सांस के मरीजों को घर में रहने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय बाहर निकलते समय मास्क पहनना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण बढ़ने के पीछे मौसम की स्थिरता हवा की कम रफ्तार और वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रमुख कारण हैं। अगर अगले कुछ दिनों में हवा की गति नहीं बढ़ी तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें सार्वजनिक परिवहन अपनाएं और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों से बचें।
दिल्ली एनसीआर में हर साल सर्दियों की शुरुआत के साथ प्रदूषण एक बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रैप थ्री का लागू होना इस बात का संकेत है कि हालात गंभीर हैं। अब यह सरकार और जनता दोनों की जिम्मेदारी है कि मिलकर इस संकट से निपटें ताकि आने वाले दिनों में हवा फिर से सांस लेने लायक बन सके।