नई दिल्ली :- दिल्ली एनसीआर शनिवार सुबह घने कोहरे की मोटी चादर में लिपटा नजर आया। सड़कों पर विजिबिलिटी बेहद कम रही जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में सुबह के समय कुछ मीटर से आगे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। ठंड ने भी अपना पूरा असर दिखाया और न्यूनतम तापमान गिरकर करीब चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कंपकंपाती ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया।
सुबह दफ्तर जाने वाले लोग और स्कूल जाने वाले बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आए। सड़कों पर वाहन रेंगते हुए चलते दिखे और कई जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। रेलवे और फ्लाइट सेवाओं पर भी कोहरे का असर पड़ा। कई ट्रेनें देरी से चलीं और कुछ उड़ानों के समय में बदलाव किया गया। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
भीषण ठंड के चलते राजधानी के कई इलाकों में अलाव जलते नजर आए। सड़कों पर रहने वाले लोग और मजदूर अलाव के सहारे खुद को ठंड से बचाने की कोशिश करते दिखे। समाजसेवी संगठनों ने भी जरूरतमंदों को कंबल और गर्म कपड़े बांटे। अस्पतालों में ठंड से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
इसी बीच बढ़ते प्रदूषण ने हालात को और गंभीर बना दिया है। एयर क्वालिटी खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रैप थ्री के सभी उपाय तत्काल लागू कर दिए हैं। इसके तहत पुराने वाहनों पर रोक और निर्माण कार्यों पर सख्ती की गई है। स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई की व्यवस्था लागू की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिल्ली एनसीआर में सर्दी और प्रदूषण का यह डबल अटैक लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।