पटना (बिहार):- पटना में एक छात्रा की संदिग्ध हालत में हुई मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता सड़कों पर उतर आए और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने इस मामले को गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक विफलता बताते हुए सरकार पर सीधे तौर पर सवाल खड़े किए हैं। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने न्याय की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि छात्रा की मौत सामान्य नहीं है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार केवल दावे कर रही है जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
कांग्रेस का आरोप है कि घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और शुरुआती जांच में ही कई सवाल खड़े हो गए। पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते तो शायद सच्चाई सामने आ जाती। उन्होंने यह भी कहा कि छात्राओं और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध राज्य के लिए चिंता का विषय हैं और सरकार इस पर आंख मूंदे बैठी है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल से भी हस्तक्षेप की मांग की। उनका कहना है कि जब तक उच्च स्तरीय जांच नहीं होगी तब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल सकता। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले में पारदर्शिता नहीं दिखाई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
वहीं प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि विपक्ष इस जवाब से संतुष्ट नहीं दिख रहा है। पटना की सड़कों पर उतरी कांग्रेस ने यह साफ संदेश दिया है कि छात्रा की मौत का मामला राजनीतिक ही नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी सवाल है और इसे दबाया नहीं जा सकता।