शिमला (हिमाचल प्रदेश):- शिमला में किसानों ने अपने हक की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों किसान सचिवालय के बाहर धरना देने पहुंचे और अपने मुद्दों को लेकर आवाज़ बुलंद की। इस प्रदर्शन के कारण शहर के कुछ हिस्सों में यातायात बाधित हो गया और लोगों को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ा।
किसानों ने सरकार से सीधे संवाद की मांग की और कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान समय पर नहीं किया गया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि कृषि क्षेत्र में लगातार बढ़ती चुनौतियों के कारण उनकी आजीविका पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बिजली पानी अनुदान और कृषि उत्पादों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जैसी मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
स्थानीय प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और धरने को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए पुलिस मौजूद है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे प्रदर्शन वाले क्षेत्रों से बचें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें ताकि यातायात प्रभावित न हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि शिमला जैसे पर्यटन स्थलों में इस तरह के प्रदर्शन शहर की सामान्य गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन किसानों की मांगों को भी गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है। किसान अक्सर अपने मुद्दों को सार्वजनिक ध्यान में लाने के लिए इस तरह के धरनों का सहारा लेते हैं।
धरना और प्रदर्शन अभी जारी हैं, और प्रशासन ने किसान नेताओं के साथ बातचीत शुरू की है। यह देखना होगा कि जल्द ही उनकी मांगों का समाधान होगा या प्रदर्शन लंबे समय तक जारी रहेगा। इस बीच शहरवासियों को सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा दिए गए मार्गदर्शन का पालन करने की सलाह दी जा रही है।