नई दिल्ली :- भारत में दिल के दौरे यानी हार्ट अटैक के मामले पिछले कुछ वर्षों में चिंताजनक रूप से बढ़े हैं। आंकड़े बताते हैं कि 2014 से 2019 के बीच इन मामलों में लगभग पचास प्रतिशत की वृद्धि हुई है यह न केवल स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी गंभीर चेतावनी का संकेत है क्योंकि आज के जीवनशैली और खानपान ने दिल को प्रभावित करना आसान कर दिया है। हार्ट अटैक का मतलब है जब दिल तक रक्त का प्रवाह अचानक रोक दिया जाता है और इससे हृदय की मांसपेशी को भारी नुकसान होता है यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें समय पर उचित प्रतिक्रिया न होने पर जान का जोखिम बन सकता है। इस वृद्धि के पीछे कई कारण हैं लेकिन चार मुख्य कारणों को समझना आवश्यक है ताकि हम अपनी दिनचर्या को सुधार कर जोखिम को कम कर सकें।
सबसे पहला कारण अनियमित और अस्वस्थ आहार है आजकल लोगों की प्लेट में अधिक तला भुना चीनी और फैट युक्त भोजन होता है। यह चीजें शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाती हैं और संकीर्ण करती हैं जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
दूसरा मुख्य कारण अत्यधिक तनाव और मानसिक दबाव है। आधुनिक जीवन की दौड़ भाग में लोग आत्मिक शांति खो देते हैं तनाव लंबे समय तक बना रहने पर शरीर में हार्मोनल असंतुलन उत्पन्न होता है जिससे ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन पर प्रतिकूल असर होता है।
तीसरा कारण अलगाव और शारीरिक निष्क्रियता है जब व्यक्ति नियमित रूप से व्यायाम नहीं करता है तो उसका शरीर कमजोर होता है मोटापा बढ़ता है और दिल पर बोझ बढ़ जाता है। इसलिए प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा व्यायाम करना आवश्यक है।
चौथा कारण धूम्रपान और शराब का सेवन है यह आदतें सीधे दिल पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं धूम्रपान धमनियों को नुकसान पहुंचाता है और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ाता है इसलिए इन कारणों को समझकर हम समय रहते अपने स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं और दिल को मजबूत बना सकते हैं।