नई दिल्ली :- मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के माहौल के बीच संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति भारत की राजधानी दिल्ली पहुंचे हैं। इस दौरे को कूटनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूएई राष्ट्रपति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापार रक्षा सहयोग और ऊर्जा जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। दोनों देशों के बीच पहले से ही मजबूत रिश्ते हैं और यह मुलाकात उन्हें नई ऊंचाई देने की दिशा में एक और कदम मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार को और बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। दोनों देश निवेश आपूर्ति श्रृंखला और नई आर्थिक साझेदारियों पर बातचीत करेंगे। भारत यूएई का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है और हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग में तेजी आई है। इस बैठक से व्यापार समझौतों को और मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।
रक्षा सहयोग भी इस चर्चा का अहम हिस्सा होगा। क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दों पर दोनों देश समान सोच रखते हैं। ऐसे में रक्षा प्रशिक्षण खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त अभ्यास जैसे विषयों पर सहमति बन सकती है। मिडिल ईस्ट में मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा सहयोग को और गहरा करना दोनों देशों के हित में माना जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण बातचीत होने की संभावना है। यूएई भारत का एक बड़ा ऊर्जा आपूर्तिकर्ता है। कच्चे तेल और गैस के साथ साथ नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हो सकती है। भारत की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए यह साझेदारी आने वाले वर्षों में और अहम हो जाएगी।
यूएई राष्ट्रपति का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर भू राजनीतिक चुनौतियां बढ़ रही हैं। ऐसे में भारत और यूएई का आपसी सहयोग न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह मुलाकात भारत की सक्रिय और संतुलित विदेश नीति को भी दर्शाती है।