नई दिल्ली :- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने देशभर में छात्र हित से लेकर राष्ट्र निर्माण तक व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया है। यह फैसला हाल ही में हुई केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में लिया गया जहां संगठन की भावी रणनीति और प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि एबीवीपी आने वाले समय में केवल शैक्षणिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय सरोकारों में भी सक्रिय भूमिका निभाएगी।
केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में छात्र कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर सहमति बनी। संगठन ने शिक्षा की गुणवत्ता रोजगारपरक पाठ्यक्रम और शोध संस्कृति को मजबूत करने के लिए विशेष अभियान चलाने का ऐलान किया। इसके तहत कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर संवाद कार्यक्रम जागरूकता अभियान और छात्र संवाद मंच स्थापित किए जाएंगे।
बैठक में यह भी तय किया गया कि एबीवीपी युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने के लिए स्वयंसेवा आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देगी। स्वच्छता पर्यावरण संरक्षण डिजिटल साक्षरता और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर देशव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगठन का मानना है कि छात्र समाज की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
एबीवीपी नेतृत्व ने कहा कि वर्तमान समय में छात्रों के सामने शिक्षा के साथ रोजगार और मानसिक स्वास्थ्य जैसी चुनौतियां भी हैं। इन मुद्दों पर नीति स्तर पर हस्तक्षेप के लिए सरकार और शैक्षणिक संस्थानों से संवाद किया जाएगा। साथ ही जरूरतमंद छात्रों के लिए सहायता और मार्गदर्शन केंद्रों को भी मजबूत किया जाएगा।
केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में संगठनात्मक विस्तार पर भी जोर दिया गया। नए शैक्षणिक परिसरों में इकाइयों के गठन और महिला छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं बनाई गईं। एबीवीपी ने स्पष्ट किया कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना के साथ छात्रों की आवाज बनेगी।
बैठक के अंत में यह संदेश दिया गया कि एबीवीपी का उद्देश्य केवल आंदोलन नहीं बल्कि समाधान है। छात्र शक्ति को सकारात्मक दिशा में लगाकर संगठन देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।