ऑपरेशन त्राशी क्या है किश्तवाड़ में आतंक के खिलाफ निर्णायक अभियान

श्रीनगर (जम्मू कश्मीर):- जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षाबलों द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन त्राशी इन दिनों चर्चा में है। यह अभियान जैश ए मोहम्मद से जुड़े आतंकियों के खिलाफ शुरू किया गया है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर सुरक्षाबलों ने पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में सर्च ऑपरेशन तेज किया जहां आतंकियों की मौजूदगी की आशंका थी।

ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को आतंकियों द्वारा बनाया गया एक बंकरनुमा ठिकाना मिला जिसे बाद में पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। यह ठिकाना घने जंगलों और ऊंचाई वाले क्षेत्र में बना हुआ था ताकि आसानी से नजर न आए। अधिकारियों के अनुसार इस बंकर का इस्तेमाल आतंकियों द्वारा छिपने हथियार रखने और हमलों की योजना बनाने के लिए किया जा रहा था।

इस अभियान के दौरान एक सैन्यकर्मी ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके बलिदान को पूरा देश नमन कर रहा है। सुरक्षाबलों ने साफ किया है कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और अभियान को अंतिम लक्ष्य तक पहुंचाया जाएगा।

ऑपरेशन त्राशी का मुख्य उद्देश्य इलाके को आतंकियों से पूरी तरह मुक्त करना है। इसके तहत सेना पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। संदिग्ध इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।

 

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशें बढ़ी हैं। इसी को देखते हुए किश्तवाड़ जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और मजबूत की गई है। ड्रोन और आधुनिक तकनीक की मदद से भी निगरानी की जा रही है।

ऑपरेशन त्राशी यह संदेश देता है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षाबलों का हौसला मजबूत है और वे हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत और भी ठोस कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

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