Citizen centric नई दिल्ली:- लांसेट आयोग ने भारत में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में सुधार के लिए एक नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण की अपील की है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत को एक ऐसे स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की आवश्यकता है जो नागरिकों को केंद्र में रखकर डिज़ाइन की गई हो और जिसमें तकनीक का उपयोग करके स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सके लांसेट आयोग के सह-अध्यक्ष डॉ. विक्रम पटेल ने कहा, “हमारा उद्देश्य एक ऐसी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली बनाना है जो नागरिकों को केंद्र में रखकर डिज़ाइन की गई हो और जिसमें तकनीक का उपयोग करके स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सके”।
नागरिक-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा के प्रमुख पहलू:
– सार्वजनिक वित्तपोषण: स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सार्वजनिक वित्तपोषण के माध्यम से मजबूत किया जाना चाहिए।
– नागरिक भागीदारी: नागरिकों को स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में भागीदारी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
– तकनीक का उपयोग: तकनीक का उपयोग करके स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सकता है।
– समुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता: समुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को मजबूत किया जाना चाहिए ताकि वे नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकें।
लांसेट आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को अपनी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में सुधार के लिए एक मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और नेतृत्व की आवश्यकता है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कई सिफारिशें की हैं, जिनमें से एक है स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सार्वजनिक वित्तपोषण के माध्यम से मजबूत करना और नागरिकों को स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में भागीदारी करने के लिए प्रोत्साहित करना ।