नई दिल्ली :- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-3 के तहत लगे प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटा लिया है। दिल्ली का AQI अब 322 दर्ज किया गया है, जो पहले ‘सीवियर’ श्रेणी में था। हालांकि, GRAP के स्टेज-1 और स्टेज-2 सख्ती से लागू रहेंगे।
दिल्ली एनसीआर के लोगों के लिए कुछ राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से दमघोंटू हवा और बढ़ते प्रदूषण से जूझ रहे क्षेत्र में अब हालात थोड़े बेहतर हुए हैं। वायु गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रैप स्टेज तीन के तहत लगाए गए प्रतिबंधों को हटा दिया है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है जिससे आम लोगों और कारोबारियों को थोड़ी राहत मिली है।
बीते कुछ दिनों में हवा की स्थिति बेहद खराब रही थी और एयर क्वालिटी इंडेक्स गंभीर श्रेणी में पहुंच गया था। अब एक्यूआई घटकर 322 दर्ज किया गया है जो भले ही अभी भी खराब स्तर पर है लेकिन पहले की तुलना में सुधार जरूर दर्शाता है। इसी के आधार पर ग्रैप स्टेज तीन की पाबंदियों को हटाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि यह राहत पूरी नहीं है क्योंकि स्टेज एक और स्टेज दो के नियम अभी भी सख्ती से लागू रहेंगे।
स्टेज एक और दो के तहत निर्माण कार्यों पर नियंत्रण डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर पाबंदी और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर निगरानी जारी रहेगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक वाहन इस्तेमाल से बचें और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें। स्कूल कॉलेज और दफ्तरों को भी प्रदूषण कम करने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में हल्का बदलाव और हवाओं की गति बढ़ने से प्रदूषण में कुछ कमी आई है। लेकिन यह स्थिति स्थायी नहीं है। अगर सावधानी नहीं बरती गई तो हालात फिर से बिगड़ सकते हैं। इसलिए प्रशासन के साथ साथ आम जनता की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।
दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की समस्या कोई नई नहीं है। हर साल सर्दियों के मौसम में यह गंभीर रूप ले लेती है। ऐसे में जरूरी है कि केवल अस्थायी राहत पर संतोष न किया जाए बल्कि दीर्घकालिक समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। साफ हवा केवल नीति से नहीं बल्कि सामूहिक प्रयास से ही संभव है।