नई दिल्ली :- भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजों को लेकर निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की नजरें कई दिग्गज कंपनियों पर टिकी हुई हैं। एनएसई और बीएसई के रिजल्ट कैलेंडर के अनुसार आज 58 से अधिक भारतीय कंपनियां अपने Q3 नतीजों का ऐलान करने वाली हैं।
इन तिमाही नतीजों का असर सीधे तौर पर शेयर बाजार की चाल पर देखने को मिल सकता है। निवेशक खास तौर पर कंपनियों के मुनाफे राजस्व और भविष्य के आउटलुक पर फोकस करेंगे। बीते कुछ सत्रों से बाजार में उतार चढ़ाव का माहौल है और ऐसे में आज आने वाले नतीजे सेंटीमेंट तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
आईटी बैंकिंग फार्मा एफएमसीजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियों के नतीजों पर खास नजर रखी जा रही है। माना जा रहा है कि कुछ कंपनियां मजबूत प्रदर्शन दिखा सकती हैं जबकि कुछ पर बढ़ती लागत और कमजोर मांग का असर दिख सकता है। विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी इन नतीजों के बाद तेज हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि तीसरी तिमाही आमतौर पर त्योहारों की मांग से जुड़ी होती है इसलिए कई कंपनियों के आंकड़े सकारात्मक रह सकते हैं। हालांकि वैश्विक अनिश्चितता ब्याज दरों और कच्चे माल की कीमतों का दबाव भी नतीजों में झलक सकता है। इसी वजह से बाजार में चयनात्मक खरीदारी देखने को मिल सकती है।
आज घोषित होने वाले नतीजे आने वाले दिनों की बाजार दिशा का संकेत भी देंगे। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी से बचें और कंपनियों के आंकड़ों को समझकर ही कोई फैसला लें। कुल मिलाकर आज का दिन भारतीय कॉरपोरेट सेक्टर और शेयर बाजार दोनों के लिए काफी निर्णायक साबित हो सकता है।