नई दिल्ली :- बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के टी ट्वेंटी विश्व कप के बहिष्कार के फैसले से देश के कई खिलाड़ी नाखुश नजर आ रहे हैं। खिलाड़ियों का मानना है कि इस निर्णय से बांग्लादेश क्रिकेट को लंबे समय तक नुकसान झेलना पड़ सकता है। उनका कहना है कि विश्व कप जैसे बड़े मंच से दूरी बनाना खिलाड़ियों के अनुभव और आत्मविश्वास दोनों को प्रभावित करेगा।
खिलाड़ियों ने खुलकर कहा है कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेना किसी भी टीम के विकास के लिए बेहद जरूरी होता है। टी ट्वेंटी विश्व कप ऐसा मंच है जहां युवा खिलाड़ियों को दुनिया की मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने का मौका मिलता है। इस तरह के फैसले से न केवल वर्तमान टीम बल्कि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों पर भी असर पड़ेगा।
कई सीनियर खिलाड़ियों का मानना है कि क्रिकेट को राजनीति और प्रशासनिक फैसलों से अलग रखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि खिलाड़ी मैदान पर देश का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनका मुख्य लक्ष्य खेल के स्तर को ऊंचा उठाना होता है। बहिष्कार से टीम की रैंकिंग प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय पहचान पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
कुछ खिलाड़ियों ने यह भी कहा कि इस फैसले से प्रायोजकों और प्रशंसकों में गलत संदेश जाएगा। बांग्लादेश क्रिकेट ने पिछले कुछ वर्षों में सीमित ओवरों के प्रारूप में अच्छी प्रगति की है। विश्व कप जैसे टूर्नामेंट से दूरी इस प्रगति को रोक सकती है।
प्रशंसकों के बीच भी इस फैसले को लेकर निराशा देखी जा रही है। लोग चाहते हैं कि उनकी टीम बड़े मंच पर खेले और दुनिया को अपनी प्रतिभा दिखाए। खिलाड़ियों का मानना है कि बोर्ड को दोबारा इस फैसले पर विचार करना चाहिए और क्रिकेट के हित को प्राथमिकता देनी चाहिए।
अंत में खिलाड़ियों ने उम्मीद जताई है कि बातचीत के जरिए कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा। उनका साफ कहना है कि बहिष्कार नहीं बल्कि खेल ही बांग्लादेश क्रिकेट को आगे बढ़ा सकता है।