नई दिल्ली :- हाल ही में यह खबर सामने आई कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अमेरिकी डेल्टा फोर्स जैसी विशेष इकाई को तैनात किया है। यह कदम वैश्विक सुरक्षा और मध्य पूर्व में तनाव के बीच लिया गया माना जा रहा है।
अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच जारी तनाव और मध्य पूर्व में बढ़ते अस्थिर हालात को देखते हुए यह अधिकारी रवाना किए गए हैं। खबरों के अनुसार इस कदम का एक उद्देश्य ईरान को चारों तरफ से घेरने की रणनीति भी बताया जा रहा है और जॉर्डन तथा क़तर में भी बलों की तैनाती की गई है।
राष्ट्रपति नाहयान की भारत यात्रा और इसका संदर्भ
उसी समय UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने दिल्ली आए थे। यह दौरा द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय कूटनीतिक मुद्दों पर बातचीत के लिए था और इसे भारत-UAE संबंधों के मजबूत होने का संकेत भी माना गया।
ट्रंप की विदेश नीति का व्यापक संदर्भ
ट्रंप प्रशासन के दौरान और बाद में भी अमेरिका की विदेश नीति में मध्य पूर्व, ईरान और वैश्विक सुरक्षा को लेकर सख्त रुख देखा गया है। हाल के संसाधनों में अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और क्षमताओं का संतुलन बनाए रखने के प्रयास का जिक्र भी है जिसमें सैन्य कदम शामिल हैं।
➡️ इससे स्पष्ट होता है कि UAE में विशेष बल भेजने का फैसला सिर्फ वहीं के दौरे या भारत यात्रा से जुड़ा इत्तेफाक नहीं है बल्कि यह व्यापक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक समीकरण का हिस्सा है जिसे ट्रम्प प्रशासन मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच लागू कर रहा है।