Health Cover पंजाब:- पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने हाल ही में ‘मुख मंत्री सेहत योजना’ (एमएमएसवाई) नामक एक महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जिसके तहत राज्य के सभी 65 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये तक का नकद रहित चिकित्सा उपचार प्रदान किया जाएगा। हालांकि, इस योजना को लागू करने में सरकार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
चुनौतियाँ:
1. वित्तीय संकट: पंजाब सरकार पहले से ही 4 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ से दबा हुआ है और इस योजना के लिए केवल 1,200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह राशि योजना के खर्च को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती है।
2. पूर्व योजना के बकाये: पिछली स्वास्थ्य योजना के तहत अस्पतालों के बकाये लगभग 600 करोड़ रुपये हैं जिन्हें अभी तक नहीं चुकाया गया है। इससे निजी अस्पताल इस योजना के तहत उपचार करने से हिचकिचा सकते हैं।
3.वित्तीय स्थायित्व: योजना की वित्तीय स्थायित्व पर सवाल उठाए जा रहे हैं क्योंकि सरकार ने इसके लिए कोई स्पष्ट वित्तीय व्यवस्था नहीं की है।
4. राजनीतिक विवाद: विपक्षी दलों ने इस योजना को एक “प्रचार स्टंट” कहा है और आरोप लगाया है कि सरकार इसका उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है।
विरोधी दलों की प्रतिक्रिया:
विपक्षी दलों ने इस योजना की आलोचना की है और आरोप लगाया है कि सरकार इसके लिए पर्याप्त वित्तीय व्यवस्था नहीं कर रही है। शिरोमणि अकाली दल के नेता एनके शर्मा ने कहा है कि सरकार इस योजना के लिए केवल 1 लाख रुपये का बीमा कवर ले रही है जबकि इसका दावा 10 लाख रुपये का है।
सरकार का जवाब:
सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि यह योजना वित्तीय रूप से स्थायी है और इसका लाभ सभी को मिलेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि यह योजना पंजाब के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम है और इसका उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।