नई दिल्ली :- बॉलीवुड के इतिहास में कई ऐसी फिल्में हैं जो बनकर भी दर्शकों तक नहीं पहुंच सकीं। ऐसी ही एक फिल्म है हम में शहंशाह कौन जिसमें रजनीकांत शत्रुघ्न सिन्हा और हेमा मालिनी जैसे दिग्गज कलाकार नजर आने वाले हैं। यह फिल्म पिछले 37 सालों से रिलीज का इंतजार कर रही थी और अब आखिरकार इसके सिनेमाघरों में आने की खबर ने फिल्म प्रेमियों में उत्साह जगा दिया है।
बताया जाता है कि इस फिल्म की शूटिंग 1980 के दशक के अंत में पूरी कर ली गई थी। उस दौर में रजनीकांत दक्षिण के साथ साथ हिंदी सिनेमा में भी अपनी अलग पहचान बना रहे थे। शत्रुघ्न सिन्हा अपने दमदार संवादों के लिए मशहूर थे और हेमा मालिनी अपने अभिनय और सौंदर्य से दर्शकों का दिल जीत रही थीं। इतने बड़े सितारों के बावजूद यह फिल्म विभिन्न कारणों से अटकती चली गई।
फिल्म के निर्माण के समय आर्थिक समस्याएं और आपसी मतभेद सामने आए। इसके अलावा वितरण और कानूनी अड़चनों ने भी इसकी राह रोक दी। समय के साथ फिल्म के निर्माता और तकनीकी टीम बिखर गई और यह प्रोजेक्ट धीरे धीरे फाइलों में दबता चला गया। दर्शक इस फिल्म के बारे में सिर्फ किस्सों में ही सुनते रहे।
अब नई तकनीक और डिजिटल रिस्टोरेशन की मदद से फिल्म को फिर से तैयार किया गया है। इसके दृश्य और ध्वनि को आधुनिक मानकों के अनुसार सुधारा गया है ताकि आज के दर्शकों को भी यह फिल्म देखने में रोचक लगे। मेकर्स का कहना है कि कहानी और अभिनय आज भी उतने ही प्रभावशाली हैं जितने उस दौर में थे।
इस फिल्म की रिलीज केवल एक सिनेमाई घटना नहीं बल्कि इतिहास से मुलाकात जैसी होगी। एक ही पर्दे पर रजनीकांत शत्रुघ्न सिन्हा और हेमा मालिनी को देखना नई पीढ़ी के लिए भी खास अनुभव होगा। हम में शहंशाह कौन अब सिर्फ एक अधूरी फिल्म नहीं बल्कि सिनेमा प्रेमियों के लिए एक अनोखी विरासत बनकर सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है।