Vitamin D deficiency मुंबई:- भारत में विटामिन डी की कमी एक बड़ी समस्या बन गई है जिससे लगभग 70% आबादी प्रभावित है। यह समस्या विशेष रूप से उन लोगों में अधिक देखी जा रही है जो अपने दिन का अधिकांश समय घर के अंदर बिताते हैं और जिनकी त्वचा का रंग गहरा है।
विटामिन डी की कमी के कारण
1. सूर्य की रोशनी की कमी: भारत में कई लोग अपने दिन का अधिकांश समय घर के अंदर बिताते हैं जिससे उन्हें सूर्य की रोशनी नहीं मिल पाती है।
2. त्वचा का रंग: भारत में अधिकांश लोगों की त्वचा का रंग गहरा है जिससे विटामिन डी का उत्पादन कम होता है।
3. वायु प्रदूषण: भारत के कई शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर बहुत अधिक है जिससे सूर्य की रोशनी की किरणें त्वचा तक नहीं पहुंच पाती हैं।
4. आहार: भारत में कई लोगों का आहार विटामिन डी से भरपूर नहीं होता है जिससे उन्हें विटामिन डी की कमी हो जाती है।
विटामिन डी की कमी के लक्षण
1. हड्डियों का दर्द: विटामिन डी की कमी से हड्डियों में दर्द हो सकता है।
2. मांसपेशियों की कमजोरी: विटामिन डी की कमी से मांसपेशियों में कमजोरी आ सकती है।
3. थायरॉयड: विटामिन डी की कमी से थायरॉयड की समस्या हो सकती है।
4. इम्यून सिस्टम की कमजोरी: विटामिन डी की कमी से इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है।
विटामिन डी की कमी को कैसे दूर करें
1. सूर्य की रोशनी में बैठें: नियमित रूप से सूर्य की रोशनी में बैठने से विटामिन डी का उत्पादन बढ़ सकता है।
2. विटामिन डी युक्त आहार लें: विटामिन डी युक्त आहार जैसे कि मछली, अंडे और दूध का सेवन करें।
3. विटामिन डी सप्लीमेंट लें: यदि आपको विटामिन डी की कमी है तो डॉक्टर की सलाह पर विटामिन डी सप्लीमेंट लें।