बरेली (उत्तर प्रदेश):- उत्तर प्रदेश के बरेली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने कार्यालय के बोर्ड पर स्वयं इस्तीफा लिख दिया। यह घटनाक्रम प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने करीब पांच पन्नों का इस्तीफा लिखा है जिसमें राज्य सरकार और केंद्र की नीतियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अपने लिखित इस्तीफे में अलंकार अग्निहोत्री ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ब्राह्मण विरोधी विचारधारा के साथ काम कर रही है। उन्होंने प्रयागराज में सामने आए शंकराचार्य प्रकरण का उल्लेख करते हुए लिखा कि यह घटना एक साधारण ब्राह्मण की आत्मा को झकझोर देने वाली है। उनके अनुसार इस तरह की घटनाएं समाज के एक वर्ग में असुरक्षा और पीड़ा की भावना पैदा करती हैं।
इस्तीफे में उन्होंने UGC को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा है कि UGC को केंद्र सरकार द्वारा हिंदू समाज को विभाजित कर शासन करने की अवधारणा के तहत लागू किया गया प्रतीत होता है। उनके इस बयान के बाद शिक्षा नीति और सामाजिक संतुलन को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद शासन स्तर पर तेजी से प्रतिक्रिया देखने को मिली। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर पर रिपोर्ट तलब की गई है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। वहीं दूसरी ओर इस कदम को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे वैचारिक विरोध की अभिव्यक्ति बता रहे हैं तो कुछ इसे सेवा नियमों के उल्लंघन से जोड़कर देख रहे हैं।
फिलहाल सरकार की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है लेकिन इतना तय है कि यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक बहस को और तेज करेगा।